शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

पत्नी के श्राप के कारण भी सन्तान सुख प्राप्त नहीं होता

कभी-कभी देखा गया है कि किसी-किसी स्त्री को गर्भपात हो जाता है दवायें भी काम नहीं आती उस समय कुन्डली में देखना चाहिए, मंगल शनि एक साथ चौथे या छठे या आठवें स्थान में विराजमान होते हैं या इनकी दृष्टि हो पुरूष को पूर्व जन्म में पत्नी के श्राप के कारण भी सन्तान सुख प्राप्त नहीं होता सप्तमेश, आठवें भाव में हो, द्वादशेश पंचम भाव में हों और शुक्र पाप ग्रह के साथ हों तो सन्तान के अभाव को भोगना पडता है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे एक पन्ना रत्न सवा पाँच रत्ती का खरीदना है उसका क्या दाम है?

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  2. do you fly overseas to visit your clients?

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